After success, it is necessary to speak and react but restraint and civilisation should not be missed. (Naseeruddin Shah and Amitabh Bachchan) - (Gul

सफलता के बाद बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये। (नसीरुद्दीन शाह और अमिताभ बच्चन)/(गुलज़ार और जावेद अख्तर)

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एक बार एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि अमिताभ बच्चन का सार्थक सिनेमा में कोई खास योगदान नहीं रहा क्योंकि वो विशुद्ध व्यावसायिक अभिनेता है।

इसके बाद पत्रकार ने अमिताभ बच्चन को तुरंत यह बात बताई और उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही?

अमिताभ बच्चन ने कहा, जब नसीरुद्दीन शाह जैसा अंतरराष्ट्रीय अभिनेता कुछ कहता है तो आत्म मंथन करना चाहिये, प्रतिक्रिया नहीं देना चाहिये।

एक बार गुलज़ार से किसी ने उनके पांच सबसे पसंदीदा गीतकारों के नाम पूछे। गुलज़ार ने पांच गीतकार गिनवा दिये, उसमे जावेद अख्तर का नाम नहीं था।

फिर क्या था पत्रकार ने ये बात जावेद अख्तर को बताई और प्रतिक्रिया चाही?

जावेद अख्तर ने कहा, इस बात पर बस मैं ये कह सकता हूँ कि गुलज़ार साहब की लिस्ट में जगह पाने के लिए मुझे अभी और मेहनत करना होगा।

इसे कहते है.. व्यक्तित्व,
इसे कहते है.. सकारात्मक सोच

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये।

सफलता के बाद भी विवेक और आत्म मंथन की जरुरत है वो हमें सफलता पे रहनेमें मदद करती है और अहंकार से दूर रखती है।

हमें ए भी शिखा की है के हम इसके भी अधिक अच्छा कर सकते और यही सोच हमें हमारे काम में उन्नति लाने में मदद करती है

ईश्वर ने फूलों का सृजन किया है, कुछ तो कारण होगा फूलो का अनुसरण करने वाले ही सुखद मुकाम तक पहुंचते है।

प्रेम की धारा, बहती है जिस दिल में, चर्चा उसकी होती है, हर महफ़िल मे।
🙏🙏